WhatsApp पर नई कम्युनिटी शुरू करते समय या कम्युनिटी में अपने ग्रुप को जोड़ते समय ध्यान रखने लायक खास बातें.
अपनी कम्युनिटी को बेहतर एक्सपीरियंस देने के लिए, एडमिन और सदस्यों के साथ मिलकर काम करें.
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जानें कि अलग-अलग सेक्टर्स से जुड़े लोग कैसे अपनी कम्युनिटी को बढ़ाने के लिए WhatsApp का इस्तेमाल कर रहे हैं.
लोग नई जानकारी पाने, अपने जैसी सोच रखने वाले लोगों से जुड़ने, प्रेरणा पाने और एक लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए कम्युनिटी से जुड़ते हैं. अपनी WhatsApp कम्युनिटी बढ़ाने के लिए, आपको कम्युनिटी मेंबर्स की ज़रूरतें पूरी करने वाला ऐसा स्पेस बनाना चाहिए, जहाँ वे उपयोगी और मज़बूत संबंध बना सकें. जानकारी और कंटेंट को क्रिएटिव तरीकों से शेयर करें तथा मेंबर्स को ग्रुप की एक्टिविटीज़ में शामिल होने, इंटरैक्ट करने तथा सकारात्मक और एक्टिव कम्युनिटी का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित करें.

"कई ग्रुप बनाने और उन्हें एक ही जगह से मैनेज करने की सुविधा मिलने से अब हम उन्हें अपने हिसाब से मैनेज कर सकते हैं और अपने कम्युनिटी मेंबर्स के बीच आपस में अच्छे कनेक्शन बना सकते हैं - जो हमारा मिशन भी है कि लोग एक-दूसरे से जुड़ें और एक-दूसरे से दोस्ती बनाए रखें."
- ब्रूना (International Women Berlin)
कम्युनिटीज़ तभी सफल होती हैं, जब उनके मेंबर एक्टिव रहते हैं. एडमिन होने के नाते आपको सही तालमेल बनाना चाहिए और मेंबर्स को ज़रूरत से ज़्यादा जानकारी (जो स्पैम या गैर-ज़रूरी हो सकती है) देने की बजाय उनके साथ समय-समय पर सार्थक बातचीत करनी चाहिए.
आइए कुछ आइडिया देखें कि अपनी कम्युनिटी को बढ़ाने और कम्युनिटी मेंबर्स के बीच इंटरैक्शन बढ़ाने के लिए आपको क्या करना चाहिए:
सुखद और सकारात्मक कम्युनिटी से हमेशा नए लोग जुड़ना चाहते हैं, क्योंकि इनमें सभी के लिए अच्छा और मददगार माहौल होता है.
इस बात पर विचार करें कि आप नए मेंबर्स का स्वागत कैसे करेंगे. नए मेंबर्स का स्वागत अगर कम्युनिटी या ग्रुप एडमिन खुद करें, तो इससे उन्हें बहुत खुशी महसूस होती है. स्वागत करते समय, उन्हें अपनी कम्युनिटी के उद्देश्य और नियमों के बारे में भी बताएँ, ताकि मेंबर्स को कोई परेशानी न हो और वे कम्युनिटी के साथ बेझिझक इंटरैक्ट कर सकें.
नए मेंबर्स के जुड़ने पर, आपके कम्युनिटी एडमिन और ग्रुप एडमिन एक जैसी दिलचस्पी रखने वाले मेंबर्स को एक-दूसरे से कनेक्ट कर सकते हैं, ताकि उनके बीच इंटरैक्शन बढ़े. कुछ समय बाद, हो सकता है कि ये नए मेंबर आपकी कम्युनिटी में कोई अलग ग्रुप बनाना चाहें.
लोगों का इंटरैक्शन बढ़ाने के लिए, यह ज़रूरी है कि कम्युनिटी और ग्रुप एडमिन एक्टिव और फ्रेंडली हों तथा उनसे बात करना आसान हो. जब आप मेंबर्स के साथ मिलनसार व्यवहार करते हैं, तो वे आपको जानने लगते हैं और आप पर भरोसा करने लगते हैं. जब उनको आप पर भरोसा हो जाता है, तब मेंबर्स के लिए आपसे खुलकर सवाल पूछना और ग्रुप की चर्चाओं में शामिल होना सहज लगने लगता है.
हो सकता है कि कुछ मेंबर्स को यह तय करने में मुश्किल आ रही हो कि वे किस बारे में बातचीत करें या क्या कंटेंट शेयर करें. आसान, प्रासंगिक और चर्चा की शुरुआत करने वाले सवालों के ज़रिए आप कम्युनिटी में मेंबर्स के इंटरैक्शन को बढ़ा सकते हैं. जब ग्रुप के मेंबर कुछ कहें, तो उन्हें सीधे जवाब दें, ताकि उन्हें लगे कि आप उनकी बात पर ध्यान दे रहे हैं.
गैर-ज़रूरी और भ्रामक मैसेजेस को ग्रुप्स से हटाएँ, ताकि ग्रुप में मेंबर्स की दिलचस्पी बनी रहे और वे खुद को कम्युनिटी से जुड़ा हुआ महसूस करें. इस बात का ध्यान रखें कि घोषणाएँ स्पष्ट और प्रासंगिक हों तथा वे सही समय पर की जा रही हों. मेंबर्स को "जवाब दें" फ़ंक्शन का इस्तेमाल करने की याद दिलाएँ. इससे बातचीत व्यवस्थित रहेगी और लोग विषय से नहीं भटकेंगे.
यह आपकी कम्युनिटी के उद्देश्य पर निर्भर करता है कि उसमें किस तरह का कंटेंट शेयर किया जाएगा. इस बारे में सोचें कि मेंबर्स आपकी कम्युनिटी से क्या हासिल करना चाहते हैं. अगर कम्युनिटी का उद्देश्य किसी मुद्दे के बारे में जानकारी शेयर करना है, तो कम्युनिटी में उससे संबंधित कंटेंट को नियमित तौर पर शेयर करना उपयोगी होगा. अगर उसका उद्देश्य समाज सेवा है, तो एडमिन इससे जुड़ी ज़रूरी जानकारी या कॉन्टैक्ट्स शेयर कर सकते हैं.
कम्युनिटी और ग्रुप एडमिन के साथ मिलकर कुछ क्रिएटिव करें. कंटेंट को टेक्स्ट, वीडियो, फ़ोटो, ऑडियो नोट्स और GIF जैसे अलग-अलग फ़ॉर्मेट में शेयर करके देखें. पहले से शेड्यूल की गई ग्रुप कॉल भी इंटरैक्शन को बढ़ाने और मेंबर्स को मैसेजिंग से कुछ समय के लिए दूर रखने का अच्छा तरीका हो सकती हैं.
यह बहुत ज़रूरी है कि ग्रुप अपने उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हों. कुछ समय बाद, हो सकता है कि वे इतने बड़े हो जाएँ कि उनका कंटेंट सभी को उपयोगी न लगे. इसलिए, सीमित दायरे वाली दिलचस्पियों पर आधारित छोटे-छोटे ग्रुप बनाना सही रहता है. इससे बातचीत बेहतर होती है और आपको यह तय करने में आसानी होती है कि किस जानकारी को किन ग्रुप्स में रहने देना चाहिए और कौन-सी जानकारी पूरी कम्युनिटी में ब्रॉडकास्ट करनी चाहिए.
कॉल लिंक बनाने और शेयर करने का तरीका
वॉइस मैसेज भेजने का तरीका
मेंबर्स से समय-समय पर फ़ीडबैक लेना अच्छा होता है. ग्रुप्स के एडमिन की मदद लेकर मेंबर्स से ऐसे सवाल पूछें कि उन्हें किस तरह की जानकारी उपयोगी लगती है या उपयोगी नहीं लगती है और वे किस तरह का कंटेंट ज़्यादा देखना चाहते हैं.
अगर मेंबर्स का इंटरैक्शन घट रहा हो, तो उसका कारण समझने की कोशिश ज़रूर करें. क्या इसका कारण, गलत और अपमानजनक कमेंट, गलत जानकारी का फैलना या ज़रूरत से ज़्यादा जानकारी का होना है?
कुछ मेंबर्स सभी बातों पर कमेंट करना या जवाब देना चाहते हैं, वहीं कुछ दूसरे मेंबर्स ग्रुप्स में चल रही चर्चाओं को सिर्फ़ पढ़ना पसंद करते हैं. याद रखें कि बाकी मेंबर्स की तरह एक्टिव न होने के बावजूद, अपनी बात न कहने वाले इन मेंबर्स को भी कम्युनिटी से कुछ न कुछ हासिल होता है.
अगर मेंबर्स अपनी मर्ज़ी से कम्युनिटी छोड़ रहे हैं, तो उनसे इसका कारण पूछना अच्छा रहता है, लेकिन जो लोग फ़ीडबैक नहीं देना चाहते या कोई बात नहीं करना चाहते, कृपया उनसे सवाल न करें.
यह नियमों से ही तय होता है कि कम्युनिटी में किस तरह का बर्ताव और कंटेंट किस हद तक स्वीकार किया जाएगा. जानें कि आप गलत जानकारी, धमकी या ऐसी बातों से कैसे निपट सकते हैं.